म.प्र. शासन द्वारा चलाई जा रही इंदिरा गृह ज्योति योजना जिसमें 100 यूनिट तक बिजली खपत करने पर उपभोक्ता को सिर्फ 100 रुपया बिजली का बिल देना बिजली उपभोक्ताओं के लिये खुशियों की सौगात लेकर आई है।
सतना नगर की सिद्धार्थ नगर निवासी सावित्री गुप्ता पति लालमन गुप्ता को हर महीने भारी भरकम बिजली बिल जमा कराने की चिंता लगी रहती थी। लेकिन जब अक्टूबर माह का मात्र 94 रुपये का बिजली बिल मिला तो सावित्री की खुशी का ठिकाना ना रहा। सावित्री का कहना है कि सरकार ने बिजली का बिल कम करके हमारी परेशानी को दूर कर दिया। पहले हर महीने पाँच सौ से एक हजार रुपये तक बिजली बिल आता था। गरीबी में घर खर्च चलाने के साथ बिजली के भारी भरकम बिल को जमा करने में बड़ी मुश्किल होती थी। सावित्री गुप्ता प्रदेश सरकार तथा मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ को धन्यवाद देते हुए कहती है कि सरकार ने गरीबों की सुध ली है और बिजली का बिल कम करके हर माह होने वाली परेशानी से उबार लिया है।
विद्युत मण्डल के अधीक्षण यंत्री श्री जी.पी. द्विवेदी ने बताया कि इंदिरा गृह ज्योति योजना सभी के लिये है। बिजली की बचत करते हुए मासिक 100 यूनिट तक बिजली खपत करके विद्युत उपभोक्ता इस योजना का लाभ ले सकते हैं। इससे बिजली की बचत होगी और उपभोक्ताओं को भी बिजली बिल में मिलेगी।
भोपाल में लोन ऐप के झांसे में फंसे एक शख्स ने अपने पूरे परिवार सहित खुदकुशी कर ली। आत्महत्या करने वाले पति-पत्नी ने अपने बच्चों को जहर पिलाकर खुद फांसी लगा ली। भोपाल: कर्ज के दुष्चक्र में फंसे परिवार ने की आत्महत्या, बच्चों को जहर देकर पति-पत्नी ने लगाई फांसी भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां कर्ज के दुष्चक्र में फंसे एक पति-पत्नी ने अपने दो बच्चों के साथ मौत को गले लगा लिया। बताया जा रहा है कि पति-पत्नी ने पहले अपने बच्चों को जहर दिया और इसके बाद खुद फांसी लगा ली। परिवार के इतना बड़ा कदम उठाने के पीछे की वजह कर्ज बताया जा रहा है। मामला भोपाल के रातीबड़ थाना क्षेत्र के नीलबड़ इलाके का है। पुलिस को मौके से सुसाइड नोट और सल्फास की गोलियों का पैकेट भी मिला है। एसीपी चंद्र प्रकाश पांडे के मुताबिक पहले 8 साल और 3 साल के बच्चों को सल्फास की गोलियां दी गयीं और उसके बाद पति-पत्नी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार मृतक निजी इंश्योरेंस कंपनी में नौकरी करता था, लेकिन कुछ नुकसान होने के चलत...
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