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Showing posts from September 26, 2019

कमलनाथ ने किया भोपाल की 'भोज मेट्रो' परियोजना का शिलान्यास

भोपाल, 26 सितंबर (वार्ता) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज राजधानी भोपाल में विकसित होने जा रही मेट्रो रेल परियोजना का शिलान्यास करते हुए घोषणा की राजधानी भोपाल की मेट्रो का नाम राजा भोज के नाम पर 'भोज मेट्रो' होगा। श्री कमलनाथ ने यहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर परियोजना का शिलान्यास और भूमिपूजन किया। इस अवसर पर श्री कमलनाथ ने कहा कि आज उन्हें बहुत खुशी है क्योंकि केवल भोपाल का ही नहीं, मध्यप्रदेश का नया इतिहास बनने जा रहा है। भोपाल की मेट्रो का नाम भोज मेट्रो होगा क्योंकि ये राजा भोज की नगरी है। उन्होंने कहा कि साल 1991 में भोपाल में गंदे तालाब और सड़कों की खराब स्थिति देख कर उन्हें दुख होता था। तब उन्होंने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री के तौर पर भोपाल को सुधारने के बारे में सोचा। उन्होंने कहा कि एक साल के अंदर ही दिग्विजय सिंह राज्य के मुख्यमंत्री बन गए। उन्होंने राजधानी के सुधार के लिए जितनी राशि मांगी, पर्यावरण विभाग ने दी। उन्होंने कहा कि आज अगर राजधानी भोपाल में वीआईपी रोड और खूबसूरत तालाब दिखते हैं, तो उन्हें वो समय याद आता है। श्री कमलनाथ ने भ

जीना इसी का नाम है

इसे कहेंगे ज़िन्दगी का यू-टर्न, जिंदगी रानू मंडल को प्लेटफार्म से उठाकर बालीवुड तक पहुंचाने वाले हिमेश रेशमिया की कहानी तो सबने पढ़ ली मगर शहर में तैनात यातायात उपनिरीक्षक श्रीप्रकाश शुक्ल ने जो किया, वह भी मासूम मनोज की जिंदगी बदल देने वाला कदम साबित होगा। महज 10 साल के चाय बेंच रहे इस लड़के की बाल सुलभ चंचलता, उसकी वाक्पटुता ने वाहन चेकिंग कर रहे शुक्ल को ऐसा माेहा कि उन्होंने उसे दुकान से उठाकर स्कूल पहुंचा दिया। यह सुनकर मनोज की मां पहुंच आई शहर और घर का खर्च न चलने का हवाला दे जब उसे स्कूल की राह से रोकी तो टीएसआइ ने उसकी भी जिम्मेदारी संभालने की बात कही। ताकि बच्चे की जिंदगी संवर सके। जिसने भी एक खाकी वर्दी वाले की सहृदयता सुनी वह वाह-वाह कर उठा। यहां तक कि उनकी मंशा के विपरीत स्कूल प्रबंधक ने बालक की शिक्षा की जिम्मेदारी खुद उठा ली और उसे स्कूल तक पहुंचाने के लिए श्री शुक्ल को धन्यवाद दिया। दूसरी ओर मनोज ने जब इच्छा होते हुए भी न पढ़ पाने की अपनी बेबसी भरी कहानी बयां की तो सभी की आंखों से आंसू छलक उठे। सोमवार की शाम सलाहाबाद मोड़ पर वाहन चेक करते समय प्यास लगने पर टीएसआइ श्रीप्

दिल्ली की हाई प्रोफािल कॉल गर्ल सिमरन से जुड़े हनी ट्रैप कांड के तार

भोपाल.  प्रदेश के हाईप्रोफाइल हनी ट्रैप (Honey Trap) मामले की जांच नई एसआईटी ने शुरू कर दी है. नई एसआईटी पुलिस के सभी केस को अपने हैंडओवर में लेकर जांच पड़ताल कर रही है. साथ ही एसआईटी 9 साल पुरानी उस फाइल को भी री-ओपन करेगी, जिसमें दिल्ली की हाईप्रोफाइल कॉल गर्ल सिमरन (Delhi Call Girl Simran) को पकड़ा गया था. उस समय सिमरन के मोबाइल फोन ने बीजेपी सरकार (BJP Government) के दो कद्दावर मंत्रियों (High Profile Ministers) और एक पुलिस अधिकारी (Police Officer) के नाम उगले थे.   नई SIT ने शुरू की मामले की जांच हनी ट्रैप मामले में पुलिस की जांच पर सवाल खड़े हो रहे हैं. विपक्ष भी सीबीआई जांच की मांग कर रहा है. ऐसे में सरकार ने पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की. हालांकि, जांच शुरू करने से पहले ही एसआईटी पर विवाद हो गया. एसआईटी चीफ डीश्रीनिवास वर्मा के जांच से इनकार करने के बाद एटीएस एडीजी संजीव समी को नई एसआईटी की जिम्मेदारी सौंपी गई. नई एसआईटी ने जांच भी शुरू कर दी है.   कॉल गर्ल्स सिमरन के हनीट्रैप गैंग से कनेक्शन.. सूत्रों के अनुसार, एसआईटी 9 साल पुरानी फाइल को भी री-ओपन करेगी. ये

पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने 2013 से बिजली बिल नहीं भरा था

शिवराज सिंह चौहान ने 6 साल से विदिशा में अपने किराए के घर का बिजली बिल नहीं भरा था. बिजली विभाग ने 1.26 लाख रुपये का नोटिस भेजा. इसके बाद बिजली का बिल भर दिया गया है. मकान की मालकिन लीला बाई हैं. मकान में 2013 से शिवराज सिंह किराए पर रहे हैं. लोगों को ज्यादा बिजली बिल आने पर बिल न भरने की सलाह देने वाले पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने 2013 से बिजली बिल नहीं भरा था. बिजली बिल की पूरी रकम 1,22,833 रुपये है. बिल का भुगतान करने के लिए बीते हफ्ते नोटिस जारी किया गया था जिसके बाद सोमवार को बिल भर दिया गया.